तुलसी

 


 


तुलसी


यह श्वास प्रणाली के लिए अच्छी मानी जाती है। तुलसी ऑक्सीजन का अच्छा स्त्रोत है। आयुर्वेद के अनुसार तुलसी का एक पत्ता रोजाना 40 दिन तक खाने से मनुष्य निरोगी हो जाता। है। तुलसी में बीटा केरोटीन होने से । अच्छी एंटी ऑक्सीडेंट मानी गई है। इसमें ऐसा क्या होता है तुलसी पत्ते में- घटाता एगेनॉल :- इस कंपाउंड से आँतें अच्छी रहती धनिया हैं, डायरिया के बैक्टीरिया मर जाते हैं। शरीर में , सर्दीअकड़न नहीं होती। खांसी अजवायन :- अजवायन में किसी अन्य हब्र्स या फल के मुकाबले कैंसर से लड़ने की । का ताकत 20 गुणा अधिक होता है। एक चम्मच अजवायन हर दिन लें तो एक सेब के बराबर एंटीऑक्सीडेंट मिलते हैं। 2हल्दी ऐसा क्या होता है अजवायन के पत्ते में - उबालेंइसके पत्तों में विटामिन ए, पोटैशियम, मैग्नीज, का फौलेट आयरन होता है। इसमें थायमाल होता नजलेहै, जो त्वचा फंगस को दूर करता है। 3 कढी पत्ता :- कढी पत्ता दाल, कढी, ढोकला सफेद और कई अन्य चीजों में लोग स्वाद व गंध के तीनों लिए डालते हैं। यह पाचन तंत्र को सुधारता है। सोते यह दिल व लीवर को दुरूस्त रखता है। इसमें दूध विटामिन ए की भरपूर मात्रा होती है। छुटकारा ऐसा क्या होता है कढ़ी पत्ते में - 4. एक पत्ते में 6 भाग प्रोटीन, 1 भाग फैट, 16 का भाग कार्बोहाईड्रेट है। 66 भाग नमी और 6 शहद भाग मिनरल पाए जाते हैं। दोपहर हरा धनिया :- हरा धनिया बैड कोलेस्टाल सेवन खत्म करता है। एंटी माइक्रोबियल और 1, एंटीफंगल गुण होने से शरीर माइक्रोब्स और शहद फंगस से मुक्त होता है। यह एसिडिटी घटाता करके है। ऐसा क्या होता है हरा धनिया पत्तों में - यह लाभ इसमें मौजूद लिनोलेइक एसिड कोलेस्ट्राल घटाता है। ब्लड शुगर को काबू में रखता है। धनिया पत्तो में विटामिन A, C और K होता है। 2, सर्दी, जुकाम, खांसी, काली खांसी, सूखी खांसी के लिए घरेलू नुस्खे- 4 जवा. जलीय में अटल डाल । ३ का रस बराबर मात्रा में मिला कर चाटने से जण टा होता है। बराक दो चम्मच 2. नजला, जुकाम :- एक चम्मच पिसी हल्दी को एक गिलास दूध में डाल कर खब मिलाकर उबालें। उसके बाद गुनगुना करके हल्दी-दूध का सेवन करायें। दस दिनों के सेवन से ही नजले, जुकाम से छुटकारा मिल जाएगा। 3 नजला, जकाम, खांसी :- मुनक्के, सफेद काली मिर्च तथा 11 बादाम की गिरी तीनों को कूट पीस कर चूर्ण बना लें। रात को सोते समय 20 दिन तक लगातार चूर्ण गाय के दूध के साथ सेवन करायें। तीनों रोगों से छुटकारा मिल जाएगा। 4. खांसी :- पाँच लौंग तथा 10 ग्राम अनार का छिलका लेकर कूट-पीस कर एक चम्मच शहद में मिलाकर दिन में तीन बार सुबह, दोपहर और शाम सेवन कराएं। एक हफ्ते के सेवन से ही खांसी का रोग दूर हो जाएगा। 1, 30 ग्राम अदरक के रस में 30 ग्राम शुद्ध शहद मिलाकर थोड़ा गर्म कर लें। फिर ठण्डा करके दिन में चार पाँच बार एक एक चम्मच यह बना हुआ मिश्रण प्रयोग करें खांसी में लाभ होगा। श्रीमति शाकुन्तला देवी आहूजा 2. मीठे अनार का छिलका 20 ग्राम नमक लाहौरी 3 ग्राम, बारीक करके पानी में 1-1 ग्राम की गोलियाँ बनाएं। दिन में तीन बार 2-2 गोली चूसें। खटाई का परहेज करें। सूखी खांसी :- 1. 6 ग्राम अनार का छिलका थोडे दूध में उबाल कर पीने से काली खांसी दूर होती है। 2. बादाम की गिरी, मुलहठी बीज निकला मुनक्का सब 10-10 ग्राम बारीक करके चने के बराबर गोलियाँ बनायें। दो दो गोली मुँह में डाल कर दिन में चार बार चुसें, सूखी खांसी में आराम मिलेगा। आरा आधा चम्मच पिसी हुई काला मिच, एक चम्मच पिसी हुई सौंठ में एक चम्मच शहद मिलाकर प्रति दिन सुबह, दोपहर, शाम तीन बार बार सेवन करने से एक महीने में सुखी खांसी दूर होती है।